ये है भारत का भूतिया रेलवे स्टेशन! जहां 42 सालों तक नहीं रुकी कोई भी ट्रेन, छन-छन की आवाज का दाव


Begunkodar Railway Station: उस समय रहे पुरुलिया के पुलिस अधीक्षक जॉय बिस्वास ने कहा था कि इलाके में रात्रि गश्त बढ़ा दी गई है और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के बारे में जागरूकता पैदा करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं।

Bizarre

oi-Sanjeev Kumar

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Begunkodar Railway Station

Begunkodar
Railway
Station
Story:
दुनिया
में
कई
लोग
भूत-प्रेत
को
मानते
हैं
तो
कई
लोग
इसे
अंधविश्वास
बताते
हैं।
लेकिन
प्राचीन
काल
से
भूत-प्रेत
के
दावे
को
लेकर
कई
कहानियां
सामने
आई
हैं।
इतना
ही
नहीं
कुछ
लोग
तो
ये
भी
दावा
करते
हैं
कि
दुनिया
में
ऐसी
कई
जगहें
हैं,
जहां
भूतों
का
वास
है
और
लोग
वहां
जाने
से
डरते
हैं।
लेकिन
यदि
कोई
कह
दे
कि
इस
रेलवे
स्टेशन
पर
भूत
का
वास
है
तो
क्या
करेंगे?
जी
हां
भारत
में
ही
एक
ऐसा
रेलवे
स्टेशन
है
जिसके
बारे
में
लोग
डरावने
किस्से
सुनाते
हैं।
आज
हम
जिस
स्टेशन
का
जिक्र
करने
जा
रहे
उसके
बारे
में
कहानी
सुनकर
आप
भी
डर
जाएंगे।
इस
स्टेशन
पर
42
साल
तक
कोई
ट्रेन
नहीं
रुकी
थी।
बता
दें
कि
यह
रेलवे
स्टेशन
बंगाल
के
पुरुलिया
जिले
में
है,
जिसका
नाम
बेगुनकोदर
रेलवे
स्टेशन
(Begunkodar
railway
station)
है।


42
साल
तक
बंद
रहा
था
स्टेशन,
स्टेशन
मास्टर
की
हुई
थी
मौत

पश्चिम
बंगाल
के
पुरुलिया
जिले
में
बेगुनकोदर
रेलवे
स्टेशन
(Begunkodar
railway
station)
1967
में
अपने
10
भूतिया
रेलवे
स्टेशनों
में
से
एक
के
रूप
में
भारतीय
रेलवे
के
रिकॉर्ड
में
आया
था।
यात्रियों
ने
उस
समय
इस
स्टेशन
को
भूतिया
मानने
लगे
जब
रेलवे
पटरियों
के
किनारे
एक
सफेद
साड़ी
पहने
महिला
को
देखकर
स्टेशन
मास्टर
की
कथित
तौर
पर
मृत्यु
हो
गई
थी।
इसके
बाद
से
अफवाह
ने
जोर
पकड़ी
तो
लोगों
ने
इस
रेलवे
स्टेशन
पर
रात
क्या
दिन
में
आना
छोड़
दिया।

रेलवे
स्टेशन
2009
तक
42
वर्षों
तक
बंद
रहा
जब
ममता
बनर्जी
ने
रेल
मंत्री
के
रूप
में
अपने
कार्यकाल
के
दौरान
इसे
फिर
से
खोल
दिया।
हालांकि,
हर
दिन
शाम
5
बजे
के
बाद
कोई
भी
स्टेशन
पर
रुकता
नहीं
था।
इस
डराने-धमकाने
ने
एक
फलता-फूलता
‘घोस्ट
टूरिज्म’
भी
पैदा
किया,
जिसे
शहरी
युवाओं
ने
बढ़ावा
दिया।
किसी
ने
रेलवे
स्टेशन
पर
एक
रात
रुकने
की
हिम्मत
दिखाई।


स्टिंग
ऑपरेशन
में
हुआ
भांडाफोड़

सच्चाई
का
पता
लगाने
के
लिए
कुछ
तर्कवादी
संगठन
पश्चिम
बंगाल
विज्ञान
मंच
की
नौ
सदस्यीय
टीम
ने
साल
2017
पुलिस
सुरक्षा
के
साथ
टॉर्च,
डिजिटल
कंपास
और
कैमरों
से
लैस
होकर
रेलवे
स्टेशन
पर
डेरा
डाला।
बेगुनकोदर
रेलवे
स्टेशन
(Begunkodar
railway
station)
पर
गुरुवार
की
रात
11
बजे
से
शुक्रवार
की
सुबह
तक
डेरा
डाला,
कैमरे
या
कंपास
ने
असाधारण
गतिविधि
के
कोई
संकेत
रिकॉर्ड
नहीं
किए।
हालांकि,
लगभग
2
बजे
स्टेशन
की
इमारत
के
पीछे
से
एक
अजीब
सी
आवाज
सुनाई
दी।
सच्चाई
पता
लगाने
आई
टीम
ने
कहा
कि
जब
उस
दिशा
में
टॉर्च
की
रोशनी
फेंकी,
तो
कि
एक
झाड़ी
के
पीछे
पुरुषों
का
एक
समूह
आवाज
कर
रहा
है।
हमने
पीछा
किया
लेकिन
उन्हें
पकड़
नहीं
सके।
हमें
संदेह
है
कि
स्थानीय
लोगों
का
यह
समूह
उन
युवाओं
को
लूटने
के
पीछे
हो
सकता
है,
जिन्हें
‘घोस्ट
टूरिज्म’
के
रोमांच
का
लालच
दिया
गया
था।

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English summary

The station which remained closed for 42 years is in Purulia district of West Bengal. The name of this railway station is Begunkodar. Begunkodar railway station was reopened after being closed for 42 years, but people are still afraid to go here.



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