Doorstep Banking: अब बुजुर्गों और दिव्यांगों को नहीं जाना पड़ेगा बैंक घर बैठे होगा आपका काम


Doorstep Banking: अब बैंकिंग से जुड़े ज्यादातर काम हम घर बैठे कर सकते हैं। लेकिन अभी भी पैसे निकालने और चेक जमा करने जैसे कामों के लिए बैंक शाखा जाना पड़ता है। वास्तव में ये सुविधा अब बैंकों द्वारा घर पर उपलब्ध कराई जाती हैं, लेकिन इसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि डोर स्टेप बैंकिंग सर्विस क्या है। इससे किसे फायदा हो सकता है।

बैंकों ने वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यागों के लिए डोर स्टेप बैंकिंग सुविधा शुरू की है। कुछ बैंक अपने सभी कस्टमर्स को ये सेवाएं प्रदान करते हैं। इन सेवाओं में नकद वितरण, चेक जमा और नकद निकासी के लिए वित्तीय लेनदेन शामिल हैं।

कौन-से बैंक ये सुविधाएं देते हैं

इस समय कई बैंक अपने ग्राहकों को डोर स्टेप सर्विस दे रहे हैं। इनमें स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं। हालांकि बैंक इन सेवाओं के लिए शुल्क भी लेते हैं।

कैसे उठा सकते हैं डोर स्टेप का लाभ?

आप बैंक के कस्टमर केयर से बात करके या वेबसाइट पर दिए गए निर्देशों का पालन करके डोर टू डोर डिलीवरी सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। कई बैंकों सीनियर सिटीजन के लिए ऑनलाइन लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की सेवा भी देते है।

कितना शुल्क देना होगा?

डोर स्टेप बैंकिंग सेवाओं के लिए शुल्क बैंकों में अलग-अलग होते हैं। एचडीएफसी बैंक ये सेवाएं वरिष्ठ नागरिकों को देता है। HDFC 5000 रुपये और अधिकतम 25000 रुपये की नकद डिलीवरी प्रदान करता है। बैंक अन्य वित्तीय लेनदेन सेवाओं के लिए 100 रुपये+ टैक्स के चार्ज के साथ डोर स्टेप बैंकिंग सुविधा दे रहा है।

Posted By: Kushagra Valuskar



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