पीएम नेतन्याहू से मिलने इजरायल पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री, दे डाली ये चेतावनी


हाइलाइट्स

7वीं बार इजरायल पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री.
इजरायली पीएम नेतन्याहू से युद्ध के मुद्दे पर की बातचीत.
कहा- तनाव को कम करना बेहद जरूरी.

तेल अवीव. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने 9 जनवरी को तेल अवीव के किर्या सैन्य मुख्यालय में इजरायली के पीएम नेतन्याहू, राष्ट्रपति इसाक हर्जोग और विदेश मंत्री इजराइल काट्ज से मुलाकात की. 7 अक्टूबर को हमास के हमलों के बाद यह उनकी पांचवीं यात्रा थी. न्यूज एजेंसी एपी के अनुसार, ब्लिंकन ने इजरायली पीएम नेतन्याहू से कहा कि वह गाजा के साथ युद्ध के बाद की योजनाओं के लिए नरमपंथी फलस्तीनी नेताओं के साथ मिलकर काम करें. उन्होंने ने इजरायल-हमास युद्ध से जुड़े कई अहम मुद्दों पर वॉर कैबिनेट के साथ वार्ता की. अमेरिका का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि गाजा में एक पुनर्गठित प्राधिकरण की वापसी होनी चाहिए.

ब्लिंकन ने मंगलवार को कहा, “इजराइल को ऐसे कदम उठाना बंद करना चाहिए जो फलस्तीनियों की खुद पर प्रभावी तरीके से शासन की क्षमता को कमजोर करते हैं.” गाजा से 2007 में हमास के कब्जे के बाद प्राधिकरण बेदखल हो गया था. एएनआई के मुताबिक, इस दौरे के दौरान ब्लिंकन ने इजरायली राष्ट्रपति आईजैग हर्जोग से भी मुलाकारत की. इजरायली राष्ट्रपति से मिलकर उन्होंने युद्ध प्रभावित क्षेत्रों के ऊपर तुर्की और अरब के नेताओं से हुई बातचीत के बारे में भी जानकारी साझा की.

अंतरराष्ट्रीय न्यायालय इसी हफ्ते होगी सुनवाई
उन्होंने हमास के खिलाफ युद्ध में इजरायल के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका के नरसंहार के आरोपों पर हेग में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय में इस सप्ताह की आगामी सुनवाई पर भी चर्चा की. दोनों ने बंधकों पर भी चर्चा की और हमास के सत्ता से हटने के बाद गाजा कैसा दिखेगा, इस सवाल पर “ठोस” चर्चा हुई.

अपनी बैठक में, काट्ज ने इस बात पर जोर दिया कि बंधकों को घर लाना, विस्थापित इजरायलियों को दक्षिण में उनके समुदायों में लौटाना और सुरक्षा की भावना बहाल करना तभी संभव है जब हमास हार जाए और हिजबुल्लाह लेबनान में सीमा क्षेत्र से हट जाए.

अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ सकता है तनाव
चूंकि लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई बढ़ती जा रही है, अमेरिकी अधिकारियों ने गाजा में युद्ध फैलने की संभावना पर चेतावनी जारी की है. रविवार को कतर में ब्लिंकन ने कहा कि यह क्षेत्र में गहरे तनाव का क्षण है. यह एक ऐसा संघर्ष है जो आसानी से रूपांतरित हो सकता है, जिससे और भी अधिक असुरक्षा और और भी अधिक पीड़ा हो सकती है.

व्हाइट हाउस ने इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच युद्ध को रोकने के लिए राजनयिक साधन खोजने की कोशिश करने के लिए अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजा है. बाइडन ने इस क्षेत्र में विशेष दूत अमोस होचस्टीन को भेजा, क्योंकि वाशिंगटन ने इजरायल और ईरान के लेबनानी प्रॉक्सी के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए अपनी राजनयिक भागीदारी तेज कर दी है.

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