इस साल का पहला चक्रवात Mocha देने वाला है दस्तक, 7 से 11 मई तक पश्चिम बंगाल-ओडिशा में अलर्ट


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चक्रवात मोचा देने वाला है दस्तक

Cyclone Mocha: इस वर्ष का पहला चक्रवाी तूफान मोचा के इस सप्ताह बंगाल की दक्षिण पूर्व खाड़ी के ऊपर बनने की संभावना है, क्योंकि इस क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो रहा है। आईएमडी के अनुसार, 6 मई के आसपास एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है, जो 11 मई तक एक्टिव रह सकता है। हालांकि अभी साइक्लोन बनने की पुष्टि नहीं हुई है। हाल के वर्षों में इस क्षेत्र में विकसित हुए अधिकांश चक्रवातों, जिनमें 2020 में अम्फान, 2021 में असनी और 2022 में यास शामिल हैं, ने पिछले साल मई के महीने में लैंडफॉल बनाया था।

7 से 11 मई तक तूफान के एक्टिव रहने की है संभावना

 आईएमडी द्वारा चक्रवात मोचा की गति के बारे में फिलहाल तो कोई भविष्यवाणी नहीं की गई है, लेकिन पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर इसके प्रभाव से इंकार नहीं किया जा सकता है। चक्रवात से होने वाले किसी भी नुकसान को रोकने के लिए ओडिशा सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है।

Windy.com द्वारा साझा की गई भविष्यवाणियों के अनुसार, अगले सप्ताह मंगलवार को बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान आने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे इसके भारतीय तटरेखा के करीब उत्तर की ओर बढ़ने की उम्मीद है ।

आईएमडी-ग्लोबल फोरकास्ट सिस्टम (जीएफएस) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्व क्षेत्र में बना कम दबाव का क्षेत्र 9 मई को अंडमान द्वीप समूह के पास एक चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा। आईएमडी की प्रणाली भविष्यवाणी करती है कि तूफान के 11 मई तक उत्तर-उत्तर पूर्व की ओर बंगाल की पूर्व-मध्य खाड़ी की ओर बढ़ने की संभावना है।

यूरोपियन सेंटर फॉर मीडियम-रेंज वेदर फोरकास्ट (ECMWF) ने भविष्यवाणी की है कि 11 मई को एक चक्रवाती तूफान के बाद दक्षिण अंडमान सागर और दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है।

पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अलर्ट जारी

 संभावित चक्रवात ‘मोचा’ के मद्देनजर, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने तैयारियों की समीक्षा के लिए मंगलवार को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने प्रशासन को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा, क्योंकि गर्मियों के दौरान बनने वाले चक्रवातों का सही-सही पता लगाना मुश्किल होता है। उन्होंने अधिकारियों और विभागों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया और कहा कि एनडीआरएफ, एसडीआरएएफ और अग्निशमन सेवा के कर्मियों को भी तैयार रहना चाहिए।

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