भारत के इस पड़ोसी देश के पूर्व PM को मिली राहत, आधी हुई सजा


हाइलाइट्स

पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक को भ्रष्‍टाचार के मामले में 12 साल कैद की सजा सुनाई गई थी.
अब उनकी सजा की अवधि को घटाते हुए आधा कर दिया गया है. जुर्माने की राशि में भी भारी कटौती हुई है.

नई दिल्‍ली. मलेशिया के क्षमा (पार्डन) बोर्ड ने शुक्रवार को कहा कि उसने पूर्व प्रधानमंत्री नजीब रजाक की 12 साल जेल की सजा को घटाते हुए आधा कर दिया है और साथ ही जुर्माने में भी भारी कटौती की गई है. रजाक को सरकारी खजाने से अरबों डॉलर की चोरी से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराया गया था. बोर्ड ने एक बयान में कहा कि सजा कम होने के साथ ही नजीब को 23 अगस्त, 2028 तक रिहा कर दिया जाएगा. बोर्ड ने नजीब पर लगाये गये जुर्माना राशि को 21 करोड़ रिंग्गित (4.45 करोड़ डॉलर) से घटाकर पांच करोड़ रिंग्गित कर दिया.

सजा के बावजूद, नजीब अभी भी अपनी पार्टी, ‘यूनाइटेड मलेशिया नेशनल ऑर्गनाइजेशन’ में प्रभावशाली नेता हैं. ‘यूनाइटेड मलेशिया नेशनल ऑर्गनाइजेशन’ अब प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम की एकता सरकार में शामिल है. क्षमा बोर्ड ने यह नहीं बताया कि उसने नजीब की सजा क्यों कम की. इससे पहले फेडरल कोर्ट के पांच-न्यायाधीशों के पैनल की ओर से मुख्य न्यायाधीश मैमुन तुआन मत ने कहा कि उनका सर्वसम्मति से मानना है कि हाईकोर्ट के न्यायाधीश ने सही फैसला दिया और नजीब की अपील में दम नहीं है. अदालत ने नजीब का दोष सिद्ध करते हुए और सजा की पुष्टि की थी. कोर्ट ने कहा था कि यह हमारा सर्वसम्मत विचार है कि ट्रायल के दौरान दिए गए सबूत सभी सात आरोपों में अपराध की ओर इशारा करते हैं.

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भारत के इस पड़ोसी देश के पूर्व PM को मिली राहत, भ्रष्‍टाचार के मामले में आधी हुई सजा, 2028 तक हो जाएगी रिहाई

क्या है 1MDB मामला, जिसमें मिली सजा?
मालूम हो कि 1MDB साल 2009 में सत्ता में आने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री नजीब द्वारा स्थापित एक डेवलपमेंट फंड था. जांच के दौरान पता चला कि फंड से कम से कम 450 करोड़ डॉलर की चोरी की गई, जिसे उस समय के पीएम रहे नजीब और उनके सहयोगियों द्वारा अंजाम दिया गया. इस घोटाले ने अमेरिका और कई अन्य देशों में जांच को गति दी और 2018 के चुनावों में नजीब की सरकार गिरने का कारण बना.

(पीटीआई इनपुट के साथ)

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