रॉयल एनफील्ड ने 2 नए कलर्स में पेश की बुलेट 350


पावरफुल मोटरसाइकिल्स बनाने वाली Royal Enfield ने Bullet 350 को दो नए कलर्स में पेश किया है। ये कलर्स मिलिट्री सिल्वर रेड और मिलिट्री सिल्वर ब्लैक हैं। इन कलर्स के साथ हैंड पेंटेड सिल्वर पिनट्राइप्स दी गई हैं। इससे पहले कंपनी सिर्फ मोटरसाइकिल के सिर्फ टॉप-एंड वेरिएंट को हैंड पेंटेड पिनस्ट्राइप्स के साथ बेच रही थी। 

एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नए कलर्स के साथ बुलेट 350 का प्राइस 1.79 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) है। इसके अलावा इस मोटरसाइकिल में कोई बदलाव नहीं किए गए हैं। बुलेट 350 को तीन वेरिएंट्स – स्टैंडर्ड, मिलिट्री और ब्लैक गोल्ड में उपलब्ध कराया गया है। इनके प्राइस 1.74 लाख रुपये से 2.16 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) के बीच हैं। इसके फ्रंट में टेलीस्कोपिक फोर्क और रियर में ट्विन गैस चार्ज्ड शॉक एब्जॉर्बर दिए गए हैं। इसके वेरिएंट के आधार पर फ्रंट और रियर में डिस्क या डिस्क और ड्रम ब्रेक है। 

रॉयल एनफील्ड की Hunter 350 सबसे अफोर्डेबल मोटरसाइकिल है। यह 17 इंच के व्हील्स वाली कंपनी की पहली मोटरसाइकिल है। इससे इसे चलाने का एक्सपीरिएंस भी बेहतर हुआ है। रॉयल एनफील्ड की क्लासिक 350 और मेटियोर 350 के समान इसमें 349 cc का इंजन है। इसकी विदेश में भी जोरदार डिमांड है। इसे इंडोनेशिया, दक्षिण कोरिया, जापान, थाईलैंड, इटली, फ्रांस, अर्जेंटीना, ब्रिटेन, जर्मनी और कोलंबिया, मेक्सिको, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में बेचा जा रहा है। 

कंपनी ने मोटरसाइकिल रेंटल सर्विस भी शुरू की है। Royal Enfield Rental के जरिए कई शहरों में मोटरसाइकिल्स को रेंट पर दिया जाएगा। Royal Enfield Rental को शुरुआत में दिल्ली, अहमदाबाद, मुंबई, चंडीगढ़, धर्मशाला, मनाली, लेह, हरिद्वार, ऋषिकेश, उदयपुर, जैसलमेर, जयपुर, गोवा, कोच्चि, भुवनेश्वर, तिरुवनंतपुरम, विशाखापट्टनम, बेंगलुरू, चेन्नई, हैदराबाद, शिमला, नैनीताल, बीर बिलिंग और सिलिगुड़ी में उपलब्ध कराया गया था। इसमें एक मोटरसाइकिल रेंट पर लेने के लिए यूजर को Royal Enfield की वेबसाइट पर जाकर उस शहर को चुनना होगा जिसमें उसे मोटरसाइकिल की जरूरत है। यूजर को वेबसाइट पर पिक अप का टाइम और तिथि और ड्रॉप का टाइम और तिथि दर्ज करनी होगी। इसके बाद उसे रेंट पर उपलब्ध मोटरसाइकिल्स के वेरिएंट्स और उनके प्राइसेज की जानकारी मिलेगीष एक फॉर्म को भरने के बाद यूजर को ऑपरेटर की जानकारी दी जाएगी। इसमें ऑपरेटर को एक रिफंडेबल राशि का भुगतान करना पड़ सकता है। 
 



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