शान ने ईद पर शेयर की फोटो तो लोग देने लगे हिंदू धर्म की नसीहत, सिंगर ने कहा- इतना भी टॉलरेंस नहीं बचा


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22 अप्रैल को ईद का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। बॉलीवुड से जुड़ी तमाम हस्तियों ने सोशल मीडिया पर सभी को ईद की मुबारकबाद दी है। मशहूर सिंगर शान ने भी ऐसा ही पोस्ट किया लेकिन उन्हें इसके लिए ट्रोल किया जाने लगा। शान ने अपनी एक फोटो शेयर की जिसमें वो टोपी लगाए हुए हैं और नमाज अदा कर रहे हैं। कमेंट सेक्शन में लोगों ने उन पर भद्दी टिप्पणियां करनी शुरू कर दी। कुछ ने तो कहा कि उन्हें हिंदू धर्म का ख्याल रखना चाहिए था। इस तरह का पोस्ट नहीं करना चाहिए था। जिस तरह लोगों की ओर से रिएक्शन मिले उसके बाद शान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि पहले तो उन्होंने कमेंट्स को इग्नोर करने की कोशिश की लेकिन उन्हें लगा कि इस पर अपनी राय बतानी चाहिए।

ट्रोल करने वालों को दी सीख

शान ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया जिसमें वह कहते हैं, ‘बहुत सारे इस तरह के रिएक्शन आए कि हिंदू होते हुए ये सब करने की क्या जरूरत थी। कुछ दिनों पहले मैं गोल्डन टेंपल गया था। वहां भी सिर ढकना होता है। मैंने फोटो शेयर की थी तो वहां उस तरह का रिएक्शन नहीं आया। इसी तरह रामनवमी या दूसरे हिंदू त्योहारों में भी इंडियन ट्रेडिशनल आउटफिट पहनते हैं जिससे उसकी एक फील आए। बस इतनी सी बात थी। मैं अपनी बात कहने के लिए लाइव आया हूं। ये सफाई नहीं है लेकिन मैं अपनी बात थोड़ा सा आगे ले जाना चाहता हूं।’ 

‘धर्म कैसे बिगड़ जाएगा?’

शान ने आगे कहा, ‘किसी की तरह लुक या कपड़े पहनने पर उसमें ऐसी कौन सी बात है कि आपका अपना जो धर्म है वो बिगड़ जाएगा। जो लोग इस तरह से सोचते हैं उन्हें अपनी सोच बदलनी चाहिए। हम एक प्रगतिशील देश हैं आगे बढ़ रहे हैं। विकास की राह पर हैं। भारतीयों की पहचान पूरी दुनिया में है। हर क्षेत्र में भारतीय हैं। अगर हम में इतनी भी टॉलरेंस ना हो तो हम कैसे आगे बढ़ेंगे। यह तो पुरानी सोच में जाना होगा। मैं तो चाहता हूं कि जो भी इस तरह से सोचते हैं वो इस बारे में सोचें कि कैसे वो इस तरह से हो गए हैं। कैसे वो इस भेड़चाल में शामिल हो गए। मैं एक ब्राह्मण हूं। मैं एक हिंदू हूं। मुझे इस पर गर्व है। साथ-साथ मैं एक भारतीय हूं, एक इंसान हूं। मुझे पता है कि कैसे हर किसी का सम्मान करना चाहिए। हर मौके को सेलिब्रेट करना चाहिए।’ 

 

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लोगों की सोच बदलने की दी सलाह

वह कहते हैं, ‘मैं जहां पला बढ़ा वहां कैथलिक और मुसलमान रहते थे। मेरे ज्यादातर दोस्त मुसलमान हैं। मुझे कभी भी ऐसी फीलिंग नहीं आई कि हम अलग हैं, हम कुछ और हैं। अब जब ये मैं देख रहा हूं तो इतने साल बाद तो मुझे बुरा लग रहा है कि इस तरह की सोच बढ़ती जा रही है। इस तरह से जो सोचते हैं मैं उनकी सोच बदल नहीं सकता। मैं अपनी सोच जरूर सामने रखना चाहता हूं। मैं खुद को बदलना नहीं चाहूंगा क्योंकि मुझे लगता है मेरी सोच सही है। हर किसी का सम्मान करना, आदर करना, मिलके हर त्योहार को सेलिब्रेट करना, यही तो भारतीयता की सही पहचान है।’



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