Jordan Drone Attack: अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन का बड़ा बयान, बोले- हमले का दिया जाएगा करारा जवाब


वाशिंगटन. जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए ड्रोन अटैक में मारे गए सैनिकों की पहचान हो गई है. अधिकारियों ने कहा कि अमेरिकी वायु सुरक्षा एक हमलावर ड्रोन को रोकने में विफल रही, जिसमें जॉर्डन में तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए और दर्जनों घायल हो गए. वाशिंगटन पोस्ट के मुताबिक मृतकों की पहचान हो चुकी है, जिसमें विलियम जेरोम रिवर, कैनेडी लाडन सैंडर्स और ब्रियोना अलेक्ज़ोंड्रिया मोफ़ेट हैं. इस हमले को लेकर अमेरिका ने बड़ा बयान दिया है. एक बयान जारी कर व्हाइट हाउस ने कहा है कि ईरान के साथ हम अभी व्यापक युद्ध नहीं चाहते हैं. अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए एक ड्रोन जिम्मेदार था.

वहीं, इस मामले पर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि अमेरिका इसका करारा जवाब देगा. साउथ कैरोलिना में अपने संबोधन में प्रेसिडेंट बाइडन ने कहा कि एशिया में पिछली रात को हमने अपने तीन बहादुर सैनिकों को खो दिया. बाइडन ने आगे कहा कि जिन्होंने ये हमला किया उनसे अमेरिका अपने चुने गए तरीके और समय के हिसाब से जवाब देगा. एक दिन पहले बाइडन ने कहा था कि हम जानते हैं ईरान समर्थित आतंकियों ने इस घटना को अंजाम दिया है. हालांकि, इन सबके बीच ऐसा दावा किया जा रहा है कि पूर्वी सीरिया में ईरान समर्थित आतंकी अपने ठिकानों को खाली कर दूसरी जगह जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें डर सता रहा है कि अमेरिका कभी भी हवाई हमला कर उन्हें निशाना बना सकता है. बता दें कि ये क्षेत्र मयादीन और बौकामल के गढ़ हैं.

उल्लेखनीय है कि बीते 7 अक्टूबर के बाद इजरायल और हमास के बीच युद्ध (Israel Hamas War) छिड़ने के बाद से ईरान समर्थित आतंकियों (Iran Supporter Terrorist) द्वारा लगातार अमेरिकी सेना पर हमले किए जा रहे हैं. अब तक अमेरिकी सैनिकों पर 150 से अधिक बार हमले हो चुके हैं. वहीं, ब्रिटिश प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) ने सोमवार को कहा कि वह पश्चिम एशिया में तनाव को लेकर चिंतित हैं. जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले के बाद ब्रिटिश पीएम ने ईरान से तनाव कम करने का आग्रह करते हुए कहा कि ब्रिटेन ड्रोन हमलों की निंदा करता है. हम क्षेत्र में स्थिरता और शांति के लिए अपने सहयोगियों के साथ ढृढ़ता से खड़े हैं.

इधर, जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर ड्रोन से हमले में 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत पर ईरान के विदेश मंत्रालय ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि हमले में तेहरान का कोई हाथ नहीं है. संघर्षरत समूह खुद के सिद्धांत और प्राथमिकता के आधार पर फैसला लेते हैं. वह फिलिस्तीन और वहां के लोगों का किस तरह समर्थन करेंगे यह फैसला उनके खुद का है. ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने चेताते हुए कहा कि कुछ पश्चिमी अधिकारियों की ओर से दिए गए बयान और उठाए गए कदम क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता के लिए खतरा है. इस तरह के हमलों में शामिल संगठन को ईरान सरकार से आदेश नहीं मिलते हैं, बल्कि वे अपने निर्णय खुद लेते हैं.

Tags: Hamas, International news in hindi, US News



Source link