सेमीकंडक्टर में बड़ी पावर बन सकता है भारत, टाटा ग्रुप की प्लांट लगाने की योजना


ऑटोमोबाइल से लेकर सॉफ्टवेयर तक के बिजनेस से जुड़े Tata Group ने असम में सेमीकंडक्टर प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का आवेदन किया है। इस प्रोजेक्ट में 40,000 करोड़ रुपये का इनवेस्टमेंट किया जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में सेमीकंडक्टर की कमी से ऑटोमोबाइल जैसे कुछ सेक्टर्स में कंपनियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा है। 

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया, “टाटा ग्रुप ने राज्य में 40,000 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट से सेमीकंडक्टर प्रोसेसिंग प्लांट लगाने का आवेदन दिया है। इससे एक बड़ा बदलाव होगा। हमारे राज्य को बेहतर बनाने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लगातार दिशानिर्देश के लिए मैं उनका आभारी हूं।” उन्होंने कहा कि स्व-रोजगार के मौके बढ़ाने और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत दो लाख युवाओं को आंत्रप्रेन्योर बनने के लिए सशक्त किया जाएगा। देश में सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग के लिए केंद्र सरकार ने इंसेंटिव्स देने की भी घोषणा की है। अमेरिकी कंपनी Micron Technology की भी देश में सेमीकंडक्टर्स की मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने की योजना है। 

Micron Technology ने गुजरात के साणंद में एडवांस्ड सेमीकंडक्टर असेंबली प्लांट लगाने की तैयारी की है। इस प्लांट का कंस्ट्रक्शन Tata Projects करेगी। यह प्लांट 93 एकड़ में होगा। हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने देश में सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने वालों को केंद्र सरकार की ओर से 50 प्रतिशत की वित्तीय सहायता देने की घोषणा की थी। मोदी ने कहा था कि उनकी सरकार ने सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए बहुत सी सुविधाएं दी हैं। उनका कहना था कि देश में सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री की जोरदार ग्रोथ होगी। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री के लिए एक इकोसिस्टम तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया था कि सेमीकंडक्टर डिजाइन पर कोर्सेज को शुरू करने के लिए 300 कॉलेज की पहचान की गई है। मोदी कहना था कि दुनिया में हुई प्रत्येक औद्योगिक क्रांति के पीछे लोगों की महत्वाकांक्षाएं और वह मानते हैं कि चौथी औद्योगिक क्रांति का कारण भारत की महत्वाकांक्षाएं होंगी। 

Reliance Industries ने भी सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग में उतरने की योजना बनाई है। इसके लिए टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप के बारे में रिलायंस इंडस्ट्रीज की विदेशी चिपमेकर्स के साथ बातचीत हो रही है। हालांकि, कंपनी ने इस बारे में फैसला नहीं किया है कि वह इस सेक्टर में इनवेस्टमेंट करना चाहती है या नहीं। रिलायंस को सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग करने से अपने टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज बिजनेस में आसानी हो सकती है। 

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