अरे! joe biden को क्या बोल गईं व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव


White House press secretary slip of the tongue- India TV Hindi

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अमेरिकी राष्ट्रपति को क्या कह दिया व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने

अमेरिका: बोलते समय किसी की भी जुबान फिसल सकती है, जैसे व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव काराइन जीन-पियरे की भी जुबान गुरुवार को गलती से फिसल गई और उन्होंने राष्ट्रपति जो बाइडेन को “राष्ट्रपति ओबामा” कह दिया। एक प्रेस  को संबोधित करते हुए, पियरे की जीभ फिसलने का क्षण लाइव टीवी पर कैद हो गया, जहां उन्होंने गलती से वर्तमान राष्ट्रपति जो बाइडेन को “राष्ट्रपति ओबामा” कह दिया। पियरे ने प्रेस से कहा “तो आज, जैसा कि आप सभी ने लगभग एक घंटा पहले देखा था, राष्ट्रपति ओबामा ने घोषणा की कि – क्षमा करें, राष्ट्रपति बाइडेन!” जीन-पियरे ने जैसे ही ये कहा कि पत्रकार आश्चर्य में चिल्लाए। “वाह! अहम, यह खबर है। मुझे पता है, हम आगे नहीं पीछे जा रहे हैं। हमें आगे जाना होगा।”

जो बाइडेन का बड़ा फैसला-भारतीय को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

इसके बाद पियरे को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने तुरंत विश्व बैंक का नेतृत्व करने के लिए “राष्ट्रपति बाइडेन” के नामित किए गए विश्व बैंक के अध्यक्ष के रूप में अजय बंगा के नाम की घोषणा की। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव ने कहा, “अमेरिका ने अजय बंगा को विश्व बैंक के अध्यक्ष के रूप में नामित किया है। राष्ट्रपति बाइडेन ने खुद कहा कि वह विश्व बैंक का नेतृत्व करने के लिए सबसे काबिल इंसान हैं, वह एक प्रसिद्ध व्यवसाय कार्यकारी हैं जिन्होंने अर्थव्यवस्था के विकास के लिए रोजगार और निवेश लाने वाली कंपनियों का प्रबंधन किया है।”

अजय बंगा बने विश्व बैंक के अध्यक्ष

पियरे ने अजय बंगा के बारे में बताया कि “उनका (अजय बंगा) सार्वजनिक-निजी भागीदारी बनाने का एक सिद्ध ट्रैक रिकॉर्ड है। भारत में पले-बढ़े, विकासशील देशों के सामने आने वाले अवसरों और चुनौतियों और कैसे विश्व बैंक समृद्धि के लिए अपने एजेंडे को पूरा कर सकता है और गरीबी को कम कर सकता है, पर उनका एक अनूठा दृष्टिकोण है।” इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मास्टरकार्ड के पूर्व सीईओ अजय बंगा को विश्व बैंक का नेतृत्व करने के लिए नामित किया था।

बाइडेन ने कहा कि  “अजय बंगा के पास जलवायु परिवर्तन सहित हमारे समय की सबसे जरूरी चुनौतियों से निपटने के लिए सार्वजनिक-निजी संसाधनों को जुटाने का महत्वपूर्ण अनुभव है। भारत में पले-बढ़े अजय के पास विकासशील देशों के सामने आने वाले अवसरों और चुनौतियों और विश्व बैंक कैसे वितरित कर सकता है, इस पर एक अनूठा दृष्टिकोण है। गरीबी कम करने और समृद्धि का विस्तार करने के लिए उनके पास एक महत्वाकांक्षी एजेंडा है।” यह निर्णय विश्व बैंक के अध्यक्ष डेविड मलपास के अपने पद से लगभग एक साल पहले पद छोड़ने के बयान के बाद लिया गया था। 

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