13 साल और 18 हजार मौत… फिर से मचेगी 2011 वाली तबाही? जापान में भूकंप का दंश


नई दिल्लीः दुनिया के अलग-अलग जगहों पर भूकंप आने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. इसी कड़ी में पहले नेपाल और अब जापान में धरती कांप गई. नए साल के मौके पर जापान में 7.6 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिसके बाद सुनामी का अलर्ट जारी कर दिया गया. वहीं नेपाल में 31 दिसंबर की रात 4.3 की तीव्रता से भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. साल 2023 भूकंप के लिहाज से काफी गंभीर रहा है. पहले तुर्की और सीरिया में और उसके बाद अफगानिस्तान में भूकंप ने तबाही मचाई.

वैसे तो जापान में आए दिन भूकंप आते रहते हैं लेकिन साल 2011 में आए भूकंप ने जबरदस्त तबाही मचाई थी. 2011 में भीषण भूकंप के चलते आई सुनामी ने उत्तरी जापान के बड़े हिस्से को तबाह कर दिया था और फुकुशिमा परमाणु संयंत्र भी इससे प्रभावित हुआ था. बता दें कि पृथ्वी के टेक्टोनिक प्लेट्स की सीमा बनाने वाली रिंग ऑफ फायर पर स्थित जापान भूकंप के लिए बहुत ही संवेदनशील है. साल 2011 में 11 मार्च को उत्तर पूर्वी जापान के तट पर 9 की तीव्रता से भूकंप आया था, जिससे पैदा हुई सुनामी ने हजारों लोगों की जान ले ली और जापान में तबाही का मंजर छा गया.

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रिक्टर स्केल पर 9 की तीव्रता के भूकंप के चलते 6 से 10 मीटर ऊंची सुनामी की लहरें पैदा हुईं , जिन्होंने जापान के तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर कहर ढाते हुए तट से 10 किलोमीटर अंदर तक आकर तबाही मचाई और 18 हजार लोग मारे गए थे. सड़कों पर रेलवे को तो भारी नुकसान हुआ. कई जगह आग लगी, एक डैम ढह गया. 14 लाख घरों में पेयजल आपूर्ति ठप हो गई थी.

Japan Earthquake: 13 साल और 18 हजार मौत... फिर से मचेगी 2011 वाली तबाही? जापान में भूकंप का दंश

बीते अक्टूबर के महीने में भी भूकंप की तीव्रता 6.6 बताई गई थी. इसके बाद जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी ने सुनामी को लेकर भी चेतावनी जारी कर दी थी. जानकारी के मुताबिक जापान ने अपने बाहरी द्वीपों के पास भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की थी. अधिकारियों ने सुनामी के चलते एक मीटर तक ऊंची लहरें उठने की आशंका जताई गई थी.

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