इस शख्स पर आंख बंद कर भरोसा करते हैं रतन टाटा

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नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मार्केट वैल्यूएशन और विश्वसनीय कंपनी टाटा (Tata) की कमान एन चंद्रशेखरन (N Chandrasekaran) संभाल रहे हैं। टाटा समूह (Tata Group) को ऊंचाईयों पर ले जाने वाले एन चंद्रशेखरन कंपनी के साथ-साथ रतन टाटा (Ratan Tata) के भी बेहद करीब हैं। रतन टाटा उनपर भरोसा करते हैं। कारोबार को लेकर उनकी समझ, बिजनस प्लानिंग, कंपनी को लेकर उनका अपनापन उन्हें रतन टाटा के करीब लाता है। एन चंद्रशेखरन 128 अरब डॉलर वाली टाटा कंपनी को बीते छह सालों से संभाल रहे हैं। उनके नेतृत्व में टाटा ने वित्तीय वर्ष 2022 में 64267 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट दर्ज की है। ये लाभ साल 2017 में 36728 करोड़ था। बीते पांच सालों में टाटा समूह का रेवेन्यू 6.37 लाख करोड़ से बढ़कर 9.44 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया है। जिस शख्स पररतन टाटा इतना भरोसा करते हैं, उसके बारे में जानना जरूरी है।

​कौन हैं रतन टाटा के खास

​कौन हैं रतन टाटा के खास

रतन टाटा के राइट हैंड कहे जाने वाले एन. चंद्रशेखरन (N.Chandrasekaran) का जन्म 1963 में तमिलनाडु के बेहद साधारण किसान परिवार में हुआ। अभावों में उनका बचपन बीता। उन्होंने मेहनत में कोई कमी नहीं की। उनके स्वभाव में ये सादगी उनके परिवार की देन है। नटराजन चंद्रशेखरन यानी एन चंद्रशेखरन की शुरुआती शिक्षा तमिल मीडियम स्कूल में हुई। हर दिन अपने भाई-बहनों के साथ वो 3किमी चलकर स्कूल जाते थे। पढ़ाई में वो हमेशा से अच्छे थे। स्कूली पढ़ाई के बाद उन्होंने कोयंबटूर के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलाजी से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद तमिलनाडु में रीजनल इंजीनियरिंग कालेज, तिरुचिरापल्ली से कंप्यूटर ऐप्लिकेशंस में मास्टर्स की।

1987 में टाटा से जुड़े

1987-

टाटा के साथ चंद्रशेखरन का साथ तीन दशक पुराना है। उन्होंने 1987 में टाटा के लिए काम शुरू किया था। टाटा में उनका सफर इंटर्न के तौर पर हुआ था। टीसीएस में इंर्टन के तौर पर अपने करियर की शुरुआत करने वाले चंद्रशेखरन आज कंपनी के टॉप पोजिशन पर हैं। साल 2007 में उन्हें TCS का सीओओ बनाया गया। साल 2009 में उन्हें सीईओ बनाया गया। उनके नेतृत्व में टीसीएस ने नई बुलंदियां छुआ। टाटा-साइरस मिस्त्री विवाद के बाद उन्हें टाटा संस की कमान सौंपी गई। वह टाटा समूह में सीईओ बनने वाले सबसे युवा सदस्य में से एक थे।

सैलरी सुन उड़ जाएंगे होश

सैलरी सुन उड़ जाएंगे होश

चंद्रशेखरन टाटा को नई कामियाबी की ओर ले जा रहे हैं। अपने परिवार में उनकी पत्नी ललिता के साथ उनका बेटा प्रणव चंद्रशेखरन हैं। टाटा में उनकी मोटी सैलरी है। चंद्रशेखरन का वेतन 2019 में 65 करोड़ रुपये सालाना था। साल 2021-22 में उनकी सैलरी में बड़ा इंक्रीमेंट किया गया। उनकी सैलरी बढ़कर 109 करोड़ रुपये हो गई। चंद्रशेखरन भारत में सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले CEO में शामिल है।

​मैराथन रनर हैं टाटा के बॉस

​मैराथन रनर हैं टाटा के बॉस

टाटा के बॉस एन चंद्रशेखरन कारोबार जगत के किंग तो हैं ही, लेकिन फिटनेस के मामले भी आगे रहते हैं। चंद्रशेखरन कभी भी अपने रुटीन को नहीं तोड़ते। ऑफिस के काम में चाहे कितनी भी देर क्यों न हो जाए वो रोज सुबह 4 बजे उठकर दौड़ते हैं।वो एक मैराथन रनर हैं। मैराथन और हाफ मैराथन में हिस्सा लेने के लिए वो दुनियाभर में घूम चुके हैं। हर साल वो कम से कम 4 मैराथन जरूर दौड़ते हैं। साल 2008 से उन्होंने मैराथन दौड़ना शुरू किया था, जिसे अब तक जारी रखा है।



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