Hinduja family feud: 108 साल पुराने हिंदूजा ग्रुप का होगा बंटवारा! 38 देशों में कारोबार, 150,000 से अधिक कर्मचारी

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नई दिल्ली: ब्रिटेन के सबसे अमीर परिवार हिंदूजा फैमिली (Hinduja Family) का बंटवारा होने जा रहा है। 108 साल पुराने हिंदूजा ग्रुप की कुल संपत्ति 14 अरब डॉलर की है। हिंदूजा भाइयों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। हिंदुजा बंधुओं में सबसे बड़े 86 साल के श्रीचंद हिंदूजा के वकीलों ने हाल ही में लंदन की एक अदालत को बताया था कि परिवार 2014 के एग्रीमेंट को खत्म करने पर सहमत हो गया है। परिवार के बीच यह समझौता 30 जून 2022 को हुआ था। सूत्रों की मानें तो इसी महीने परिवार का बंटवारा हो सकता है। समझौते के मुताबिक अगर परिवार के बीच नवंबर में बंटवारा नहीं हुआ तो यह मामला एक बार फिर अदालत में पहुंच सकता है। इस ग्रुप की दर्जनों कंपनियां हैं जिनमें से छह लिस्टेड हैं। इनमें इंडसइंड बैंक (IndusInd Bank) भी शामिल है।

हिंदूजा परिवार के बीच झगड़े की जड़ दो जुलाई 2014 में हुआ एक समझौता है। इस पर चारों भाइयों ने हस्ताक्षर किए थे। इसमें कहा गया था कि परिवार का सबकुछ प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित है और कुछ भी किसी से भी संबंधित नहीं है। श्रीचंद हिंदुजा ने अपने भाइयों जी पी हिंदूजा, पी पी हिंदूजा और ए पी हिंदूजा के खिलाफ केस किया था। यह 2014 के समझौते की वैधता संबंधित था। इस पर कानूनी विवाद नवंबर, 2019 से चल रहा था। श्रीचंद हिंदुजा के तीन छोटे भाइयों की दलील थी कि यह चिट्ठी 100 साल से अधिक पुराने हिंदूजा ग्रुप की उत्तराधिकार योजना थी। लेकिन श्रीचंद हिंदूजा की बेटियों शानू और वीनू ने इसे चुनौती दी थी। ब्रिटेन ही नहीं यूरोप के कई देशों में हिंदूजा ब्रदर्स के बीच कानूनी जंग चल रही है। इससे परिवार को नुकसान पहुंच रहा है।

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हिंदूजा ग्रुप का कारोबार
हिंदूजा ग्रुप का कारोबार ट्रक बनाने से लेकर, बैंकिंग, केमिकल्स, पावर, मीडिया और हेल्थकेयर तक फैला है। ग्रुप की कंपनियों में ऑटो कंपनी अशोक लीलेंड (Ashok Leyland) और इंडसइंड बैंक शामिल हैं। 14 अरब डॉलर की नेटवर्थ के साथ हिंदुजा परिवार ब्रिटेन का सबसे अमीर परिवार है। इस ग्रुप की कंपनियों का कारोबार 38 देशों तक फैला है और उनमें 150,000 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं। हिंदूजा ग्रुप की स्थापना 1914 में श्रीचंद परमानंद ने ब्रिटिश इंडिया में सिंध इलाके से की थी। हिंदूजा समूह कभी कमोडिटी-ट्रेडिंग फर्म हुआ करता था लेकिन श्रीचंद और उनके भाइयों ने लगातार अपने कारोबार को दूसरे क्षेत्रों में फैलाया।

हिंदूजा परिवार में दरार की पहली खबर तब आई थी, जब श्रीचंद की बेटियों ने स्विट्जरलैंड में स्थित SP Hinduja Banque Privée SA पर नियंत्रण को लेकर कोर्ट में मुकदमा दायर किया। श्रीचंद की बेटी शानू इस बैंक की चेयरमैन हैं और उनके बेटे करम इसके सीईओ हैं। हालांकि परिवार के दूसरे सदस्य भी इस बैंक पर अपना नियंत्रण चाहते थे, जिसके बाद से यह विवाद शुरू हुआ। इस विवाद ने 100 साल से भी पुराने इस कॉरपोरेट साम्राज्य को टूटने के कगार पर पहुंचा दिया।

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किसे मिलेगा स्विस बैंक

एक सूत्र ने बताया कि स्विट्जरलैंड में हिंदूजा ग्रुप का बैंक एसपी हिंदूजा ग्रुप के पास ही रह सकता है। हालांकि स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि हिंदूजा परिवार इस बैंक को एसपी ग्रुप को देने पर सहमत है या नहीं। एसपी हिंदूजा ग्रुप ने 2013 में Banca Commerciale Lugano को खरीदा था और इसका हिंदूजा बैंक (स्विट्जरलैंड) में विलय कर दिया था। बाद में इसका नाम बदल दिया गया था। श्रीचंद हिंदूजा इसके फाउंडिंग चेयरमैन बने थे। उनके भाइयों का आरोप है कि श्रीचंद का स्वास्थ्य ठीक नहीं है और इसका फायदा उठाकर उनकी बेटियां उनकी इच्छा के उलट काम कर रही हैं। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, श्रीचंद हिंदूजा डिमेंशिया (यादाश्त भूलने की बीमारी) से ग्रसित हैं।

स्विस बैंक हिंदूजा ग्रुप की बाकी कंपनियों के मुकाबले बहुत छोटा है लेकिन इसमें अहम क्रॉस होल्डिंग्स है। अशोक लीलैंड में इसकी 4.98 फीसदी हिस्सेदारी है। मौजूदा मार्केट कैप के हिसाब से इसकी वैल्यू 2195 करोड़ रुपये है। इसके अलावा मॉरीशस के इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स (IIH) के एमेरिटस चेयरमैन एसपी हिंदूजा हैं। इसकी इंडसडइंड बैंक में 12.58 फीसदी हिस्सेदारी है। इस बैंक का मार्केट कैप 89 हजार करोड़ रुपये के करीब है। इस हिसाब से इसमें आईआईएच की हिस्सेदारी की कीमत 11205 करोड़ रुपये है।

साथ ही आईआईएच की हिंदूजा लीलैंड फाइनेंस और इंडसइंड मीडिया एंड कम्युनिकेशनंस लिमिटेड में भी हिस्सेदारी है। अभी इसके चेयरमैन अशोक हिंदूजा हैं। शानू और वीनू हिंदूजा के पास लिस्टेड कंपनी हिंदूजा ग्लोबल सॉल्यूशंस के भी शेयर हैं। यह प्रमोटर ग्रुप का हिस्सा है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि क्रॉस-होल्डिंग का समाधान कैसे होगा। दोनों पक्ष इस सेटलमेंट की डिटेल का खुलासा नहीं करना चाहते हैं।

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अलग-अलग जिम्मेदारी

हर भाई के पास कारोबार की अलग-अलग जिम्मेदारी है। श्रीचंद हिंदूजा पूरे ग्रुप के चेयरमैन है। उन्होंने ही इंडसइंड बैंक को शुरू किया था, जो भारत के प्रमुख प्राइवेट बैंकों में से एक है। गोपीचंद हिंदुजा इस ग्रुप के को-चेयरमैन है। ये हिंदुजा ऑटोमोटिव लिमिटेड, यूके के चेयरमैन भी हैं। तीसरे भाई प्रकाश इस समय यूरोप में हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन हैं, जबकि अशोक भारत में हिंदुजा ग्रुप के चेयरमैन है। श्रीचंद और गोपीचंद लंदन में रहते हैं। प्रकाश मोनैको में रहते हैं जबकि अशोक भारत में रहते हैं। Forbes’ Real Time Net Worth लिस्ट के मुताबिक हिंदुजा बंधु दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 110वें नंबर पर हैं।



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